एआईएसएफ से वार्ता का राज्यपाल ने पीयू कुलपति को दिया आदेश

एआईएसएफ से वार्ता का राज्यपाल ने पीयू कुलपति को दिया आदेश

राज्यपाल से मिला एआईएसएफ का प्रतिनिधिमंडल

सभी विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव के  संकेत
नालंदा इंजिनियरिंग काॅलेज को मिलेगा नया भवन
टीईटी-एसटीईटी के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति का दिलाया भरोसा
उत्तरपुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के प्रावधान, पीयू को सेन्ट्रल यूनियर्सिटी, पाटलिपुत्रा विवि का आश्वासन
विद्या सागर
पटना (एसएनबी)। एआईएसएफ के प्रतिनिधियों से राज्यपाल ने पटना विश्वविद्यालय के कुलपति को वार्ता करने का आदेश दिया है। बुधवार शाम एआईएसएफ का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन में राज्यपाल सह कुलाधिपति डी वाई पाटील से मिलकर 20 सूत्री मांगों का स्मार-पत्र सौंपा । प्रतिनिधिमंडल में संगठन के राज्य अध्यक्ष परवेज आलम, राज्य सचिव सुशील कुमार, राज्य परिषद सदस्य मोनिका कुमारी, दीपक कुमार, वरूण कुमार ने कहा कि पटना विवि कुलपति वाईसी सिम्हाद्री छात्रों से बात तक करना पसंद नहीं करते। विगत दिनों कुलपति के अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही रवैए से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। वर्टिकल ग्रोथ, छात्र-शिक्षक-कर्मियों के आंदोलन पर रोक, विगत दिनों 11 छात्रों के परीक्षा पर रोक  लगाया गया है। एमजएमसी के छात्रों को कुलपति से वार्ता  करने के प्रयास के दरम्यान हीं निलंबित कर दिया गया. कुलपति को बर्खास्त किया जाए। कुलपति के उम्र अधिक होने  का भी मसला उठाया गया। राज्यपाल ने वार्ता  में मौजूद प्रधान सचिव ब्रजेश मल्होत्रा को कुलपति से एआईएसएफ प्रतिनिधियों की वार्ता  का समय दिलाने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने कहा कि कुलपति अगर छात्रों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से बात नहीं करेंगे तो उन्हें विवि से हटाया जाएगा। मगध विवि के पटना प्रक्षेत्र के काॅलेजों को मिलाकर पाटलिपुत्र विवि  बनाने और ठोस प्रस्ताव आने पर ही स्थिति पटना विवि में पटना स्थिति सभी काॅलेजों को शामिल करने के सवाल पर उन्होंने  कहा कि दोनों ही प्रस्ताव ही चर्चा में है प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार इस सवाल के ठंडे  बस्ते में डालना चाहती है। उन्होंने  पाटलिपुत्र विवि पर सहमति जतायी। नालंदा इंजिनियरिंग काॅलेज का अपना भवन शीघ्र देने के सवाल पर भी उन्होंने  त्वारित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सभी विश्वविद्यालयों में यूजी एवं पीजी के सीटों की संख्या बढ़ाने का भी आश्वासन कुलाधिपति ने दिया हालांकि शिक्षक कर्मियों की कमी को उन्होंने  बाधक बताते हुए शीघ्र विश्वविद्यालयों में शिक्षक कर्मियों की बहाली प्रक्रिया पूरा करने का भरोसा  दिलाया। टीईटी-एसटीईटी के उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति की दिशा में उन्होंने  तत्काल कार्रवाई के निर्देश प्रधान सचिव को दिया। लगभग 20 मिनट तक चली वार्ता  में एआईएसएफ प्रतिनिधिमंडल ने निजी लाॅज एवं गल्र्स हाॅस्टलों के संचालको पर लगाने के लिए रूम रेंट  कन्ट्रोल एक्ट एवं कोचिंग एक्ट को प्रभावकारी तरीके  से लागू करन की जरूरत है। राज्यपाल ने शीघ्र सरकार से इस दिशा में बातचीत का भरोसा दिलाया। संगठन ने समान स्कूल प्रणाली लागू करने व राज्य की आर्थिक स्थिति को देख निजी विवि कानून रद्द करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने तेलांगना सरकार द्वार केजी  से पीजी तक मुफ्त  एवं अनिवार्य शिक्षा का जिक्र करते हुए बिहार में भी लागू करने की मांग की जिस पर राज्यपाल ने सकारात्मक संकेत दिये। गया और मोतिहारी में केंद्रीय विश्वविद्यालय के अपने भवन में संचालन, पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं मजहरूलहक विवि के कैम्पस के सवाल को भी उठाया। राज्यपाल ने गंभीरतापूर्वक सुन कार्रवाई का भरोसा  दिलाया। दरभंगा स्थित आयुर्वेद काॅलेज, बेगूसराय में दिनकर विवि, मोतिहारी में बिहार विवि की शाखा, जीबीएम काॅलेज, गया का अपना भवन, वैशाली स्थित गाजिपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय एवं हर काॅलेज में जन्डर सेल गठित करने तथा आठवीं तक फेल  पास प्रणाली का भी मसला उठाया जिस पर राज्यपाल ने पास बैठे  प्रधान सचिव ब्रजेश  मल्होत्रा  को कार्रवाई की बात कहीं।

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