कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी का सपना अधूरा

कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी का सपना अधूरा

धूल फांक रहे राज्य सरकार से कॉलेजों को मिले कम्प्यूटर सेट
विद्या सागर
पटना। राज्य सरकार ने शोध को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज के पुस्तकालयों को इंटरनेट से जोड़ने की योजना बनायी। इसके तहत सरकार ने कॉलेजों में कम्प्यूटर सेटों की आपूत्तर्ि भी की लेकिन कुछ कॉलेजों को छोड़कर अधिसंख्य में पुस्तकालयों को इंटरनेट से जोड़ा ही नहीं गया। इसके चलते सरकारी कम्प्यूटर कॉलेजों के पुस्तकालयों धूल फांक रहे हैं। पटना विवि के पटना कॉलेज, साइंस कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय, पटना कला एवं शिल्प महाविद्यालय, लॉ कॉलेज के अलावा मगध विवि के भी कई कॉलेजों में राज्य सरकार ने 20-20 कम्प्यूटर सेट उपलब्ध कराये थे। इंटरनेट की व्यवस्था कॉलेज को स्वयं करनी थी। इसके बाद कॉलेज को ई-लाइब्रेरी की सुविधा के लिए इंटरनेट व इंफॉरमेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क में रजिस्ट्रेशन कराना था। रजिस्ट्रेशन होते ही नेटवर्क कॉलेज को यूजर आईडी व पार्सवड देता। इसके एवज इंटरनेट व इंफॉरमेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क को राशि भुगतान करना होता। कॉलेज द्वारा इस दिशा में सार्थक पहल नहीं कि ये जाने के कारण यह योजना अधर में है। क्या है इंफॉरमेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क (इनफिल्बनेट) इंफॉरमेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क सेंटर को सूचना एवं पुस्तकाल नेटवर्क कहा जाता है। 1991 में इसकी स्थापना हुई थी। इसका मुख्यालय गांधी नगर गुजरात में है। इसकी स्थापना देश के विविद्यालयों के बीच संचार को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इसके वेबसाइट पर 2000 से अधिक दस्तावेज अपलोड हैं जिन्हें छात्र आनलाइन पढ़ सकते हैं। इस वेबसाइट पर विदेशों में हो रहे नये-नये शोध भी उपलब्ध हैं। इस साइट पर छात्र अपने विषयों में भी हो रहे शोध को पढ़ सकते हैं। ई-लाइब्रेरी नहीं खुलने से छात्र- छात्राएं निराश कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी नहीं खुलने से छात्र-छात्राएं निराश हैं। पटना कॉलेज के बीएमसी के छात्र रोहित राज कहते हैं कि सरकार की ई-लाइब्रेरी योजना काफी अच्छी है। कॉलेज में यह सुविधा होने से कोर्स संबंधी किताबों व रिसर्च पेपर पढ़ना आसान हो जाता। छात्र पीयूष कुमार कहते हैं कि कॉलेज सरकार की कोई योजना को पूरा नहीं करता है। सरकार को खुद ऐसी योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। क्या कहते हैं अधिकारी ई-लाइब्रेरी योजना के संबंध में पूछे जाने पर पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि उनके कॉलेज में एक सप्ताह के अंदर ई-लाइब्रेरी शुरू हो जायेगा। इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है।

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