बंदियों से वार्ता करने जेल पहुंचे एडीएम




बंदियों से वार्ता करने जेल पहुंचे एडीएम

औरंगाबाद। मंडलकारा में अनशन एवं आंदोलन कर रहे बंदियों से वार्ता के लिए गुरुवार रात्रि एडीएम सुरेश प्रसाद साह पहुंचे। आंदोलन कर रहे बंदियों से वार्ता की। अनशन पर बैठे बंदी प्रमोद मिश्रा से बात की। साथ में डीएम के गोपनीय प्रभारी मुकेश कुमार मुकुल एवं जेल अधीक्षक तेजनारायण राय थे। अधिकारियों ने प्रमोद से कहा कि आपके मांग पत्र को मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री तक भेज दिया गया है। बंदियों की अधिकतर मांगों पर निर्णय लेने का अधिकार राज्य एवं केंद्र सरकार को है। मांगों पर जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। बंदियों की मांग पर अधिकारियों ने कहा कि पुलिस पदाधिकारियों पर जो आरोप लगाया गया है उसका लिखित आवेदन डीएम के नाम से दें, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। एडीएम से प्रमोद मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी विलंब से वार्ता करने आए हैं। बात को सुन एडीएम ने कहा कि कारा अधीक्षक जेल प्रशासन के ही प्रतिनिधि हैं, जो लगातार बंदियों से वार्ता कर रहे हैं। अधिकारियों ने अनशन पर बैठे एवं आंदोलनरत बंदियों से अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया। जेल अधीक्षक ने बताया कि वार्ता के बाद बंदियों ने कहा कि लिखित प्रतिवेदन दिया जाए उसके बाद अनशन समाप्त करेंगे। उधर शुक्रवार को नंगे बदन न्यायालय पहुंचे प्रमोद मिश्रा ने बताया कि इरोम शर्मिला के समर्थन एवं आफसा कानून को समाप्त करने को लेकर बंदी आंदोलन कर रहे हैं। कहा कि जेल में बहुत ऐसे बंदी है जो बेकसूर बंद हैं। पुलिस निर्दोष को जेल भेजना बंद करे। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को लज्जा आने के लिए नंगे बदन आंदोलन किया जा रहा है। अपने लक्ष्य की तरफ हम सभी बंदी बढ़ गए हैं। अगर शीघ्र न्याय नहीं मिला तो सड़क पर आंदोलन शुरू होगा। प्रमोद मिश्रा को लेकर न्यायालय से लेकर जेल तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी।

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