मोगालते में नहीं रहे सरकार: संयुक्त वाम मोर्चा

मोगालते में नहीं रहे सरकार: संयुक्त वाम मोर्चा

पटना। संयुक्त वाम मोर्चा द्वारा 11 अप्रैल को बिहार विधानसभा के समक्ष एक दिवसीय भुमि अधिग्रहण अध्यादेष, वाम जनवादी एवं लोकतांत्रिक आंदोलनों तथा आंदोलन से जुड़े सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर राजकिय दमन व फर्जी मुकदमा कर जेल भेजने के खिलाफ, हडि़याही(बटाने) नहर परियोजना सहित सरकार प्रायोजित योजनाओं में लुट के खिलाफ, धान क्रय एवं केसीसी में मनमानी एवं फर्जीवाड़ा के खिलाफ, छापेमारी के नाम पर पुलिस द्वारा आम जनता एवं महिलाओं के साथ अषलील हरकत करने के खिलाफ धरना दिया गया। धरना की अध्यक्षता मोर्चा के संयोजक आलोक कुमार एवं संचालन विनोद पाठक ने किया। धरना को संबोधित करते हुए मोर्चा के धटक संगठन के नेताओं ने कहा कि सरकार मोगालते में है और इनके मषीनरी के रूप में कार्य कर रहे पुलिस, प्रषासन व अधिकारी जनविरोधी व कानून विरोधी कार्यो में लिप्त हैं तथा सरकार के इषारे पर न सिर्फ जनआंदोलनों को कुचल रही है बल्कि भुमि अधिग्रहण अध्यादेष जैसे कई काले कानुन का निमार्ण धड़ल्ले से कर रही है जिसे मोर्चा कतई बर्दास्त नहीं करेगी। वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक इस्ट इंडिया के बदले हजारों इस्ट इंडिया कंपनियों के लिए देष के दरवाजे खोल दी है। इसके लिए लगातार अंबानी व अडानी के इषारों पर एमओयू पर हस्ताक्षर किये जा रहे हैं। इसी के तहत भूमि अधिग्रहण अध्यादेष लाया गया है तथा जंगल एवं पहाड़ी इलाकों में छापेमारी के नाम पर आदिवासी, दलित एवं कमजोर वर्गो के बिच दहस्त पैदाकर इलाके को खाली कराने व विदेषी कंपनियों को स्थापित करने का काम कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि देष में हजारों किसान आत्म हत्या कर रहे हैं। वहीं पीएम मोदी व इनके मंत्री विदेष यात्रा पर रूपये पानी की तहर बहा रहे हैं। साम्रज्यवाद परस्त अमेरिकी नितियों को देष में लागू कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि इस स्थिति में समय का तकाजा है कि सभी मतभेदों को भुलकर वामपंथी शक्तियों को एक मंच पर आकर मोदी सरकार के खिलाफ देष को नयी दिषा देना चाहिए।सभा को मोर्चा संयोजक आलोक कुमार, भाकपा नेता व बिहार राज्य किसान सभा रामजीवन प्रसाद सिंह, बंदी अधिकार आंदोलन के संतोष उपाध्याय, ग्रामीण गरीब मंच के रणजीत कुमार, बुद्धिजीवी षिवदास यादव, सामाजिक कार्यकर्ता वीणा कुमारी ने संबोधित किया।


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