आकर्षण काकेन्द्र बने सुनील

आकर्षण काकेन्द्र बने सुनील

भाजपा के प्रचार के लिए इस कार्यकर्ता ने बनाया अपना यह रूप

दअपने पूरे शरीर को भाजपा के झंड़े के रंग से रंगा था 

सेल्फी को लेकर रैली में हो रही थी काफी पूछ
विद्या सागर

पटना। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता समागम में दरभंगा के सुनील झा लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहे। सुनील अपने पूरे शरीर को भाजपा के झंडे के रंग में रंगे थे। आधे शरीर को भगवा व आधे को हरे रंग से रंगे सुनील पार्टी के चुनाव चिह्न कमल निशान को छाती पर बनवाये हुए थे। माथे पर भाजपा लिखवाये हुए थे। वहीं छाती पर नमो भारत नमो लिखे हुए थे। पीठ पर मोदी सेना, जय-जय बिहार भाजपा सरकार के नारे लिखे थे। पूरे कार्यकर्ता समागम के दौरान पंडाल में सबसे आगे पार्टी का झंड़ा सुनील बुलंद कर रहे थे। इनका जलवा भी समागम में कम नहीं दिखा। फेसबुक व व्हाट्स्एप के शौकीन भाजपा नेता व कार्यकर्ता सुनील के साथ सेल्फी खिंचवाने को उतावले थे। फोटो के लिए सुनील के पास लाइन लगी थी। समागम से सुनील बाहर निकले तो सड़क पर भाजपा नेताओं व गांव-गांव से आये कार्यकर्ताओं की नजर उनकी ओर गयी। फिर क्या था सड़क पर भी सुनील झा लोकप्रिय हो गये। लोग उनके साथ अपना फोटो खिंचवाने लगे। देखते ही देखते सड़क पर कार्यकर्ताओं व नेताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भाजपा के रंग में रंगे सुनील ने राष्ट्रीय सहारा से बातचीत में बताया कि उनका पूरा परिवार शुरू से ही जनसंघ के साथ रहा। जब भाजपा बनी तो उनका पूरा परिवार भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वह बिहार में भाजपा सरकार एकबार फिर से देखना चाहते हैं। यहीं कारण है कि पार्टी के प्रचार के लिए अपने पूरे शरीर को पार्टी के झंड़े के रंग में रंगे हुए हैं। जहां भी पार्टी की रैली होती है वहां सुनील इसी वेश में पहुंचते हैं। पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं का हमेशा उन्हें स्नेह प्रेम मिलता रहा है। सुनील ने बताया कि वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सैनिक के रूप में अपने पूरे जीवन को समर्पित किये हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य है पार्टी का गांव-गांव तक प्रचार करना। सुनील का आकर्षण इस कदर रहा कि पार्टी के कई केन्द्रीय नेता अपने सोशल नेटवर्किग साइट पर उनका फोटो पोस्ट किये।

    

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आज के दिन शहीद हुए थे आजादी के सात मतवाले

भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान 11 अगस्त को शहीद हुए थे जगतपति कुमार समेत आजादी के सात मतवाले,

सेक्स और शादी...क्या-क्या नियम बना रखे हैं नक्सलियों ने