क्यों निषाने पर है जेएनयू? पढ़े जेएनयू षिक्षक संघ के अध्यक्ष के बेबाक बोल

छात्रों के वामपंथी रूझान के कारण सरकार के निषाने पर है जेएनयूः प्रो अजय पटनायक

पटना। जवाहर लाल नेहरू विष्वविद्यालय (जेएनयू) षिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. अजय पटनायक ने आज कहा कि छात्रों के वामपंथी रूझान के कारण जेएनयू केन्द्र सरकार के निषाने पर है। प्रो. पटनायक आज राजधानी के जनषक्ति भवन में एआईएसएफ द्वारा क्यों निषाने पर है जेएनयू विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। प्रो. पटनायक ने कहा कि समाज में अवसर की समानता नहीं होने के कारण जिन लोगों को मुख्यधारा में आने का अवसर नहीं मिल पाता है। जेएनयू के द्वार समाज के दबे-कुचले लोगों को प्राथमिकता देने के कारण जेएनयू में पहुंचने पर वे सत्ता के द्वारा थोपे जाने की कोषिष को बर्दास्त नहीं करते हैं। वर्तमान केन्द्र सरकार जिसे देषद्रोही की संज्ञा दे रही है। सही मायने में वह सत्ता के खिलाफ अवाज है। ऐसा नहीं कि वह वर्तमान सरकार के खिलाफ उठ रही अवाज है। पूर्ववर्ती सरकारों के खिलाफ भी उठती रही है। उन्होंने कहा कि रोहित बेमुला की संस्थागत हत्या, आॅक्यूपाई यूजीजी आंदोलन, एफजीआईआई पूणे एवं अंबेडकर-पेरियार स्टडी सर्किल पर दमन के खिलाफ जेएनयू के छात्रों को उतरने का गुस्सा निकालते हुए सरकार जेएनयू के छात्रों को देषद्रोही करार दे रही है। प्रो. पटनायक ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को सरकार ने टारगेट किया है। कन्हैया एवं अन्य छात्रों पर देषद्रोह का मुकदमा कर जेएनयू की स्वायतता पर हमला करना चाहती है। जेएनयू में अगर सरकार यह करने में कामयाब हो जाती तो अन्य विष्वविद्यालयों में और आसनी बढ़ जाती। जेएनयू की पूरी घटना प्रायोजित बताते हुए उन्होंने आरएसएस के मुख्यपत्र आर्गनाइजर एवं पांचजन्य तथा बीजेपी नेता सुब्रह्मन्यम स्वामी द्वारा पृष्ठभूमि काफी पहले से तैयार करने की तरफ भी ध्यान आकृष्ट किया। सेमिनार का संचालन एआईएसएफ के अमित कुमार ने किया। मौके पर वरिष्ठ आलोचक खगेन्द्र ठाकुर, सीपीआई के रामबाबू कुमार, अखिलेष कुमार, सीपीएम के अरूण कुमार मिश्रा, प्रो. एसपी वर्मा, प्रो. केएन पासवान, प्रो. नवीन चंद्र, एटक के महासचिव चक्रधर प्रसाद सिंह, सीपीआई के जिला सचिव रामलला सिंह, साहित्यकार अनीष अंकुर, एआईएसएफ के राज्य सचिव सुषील कुमार, एसएफआई के प्रदेष अध्यक्ष दीपक वर्मा, अभिषेक आनंद, परवेज अषरफी, संदीप कुमार, सुषील उमाराज, अखिल गौरव, डीपी यादव, इमरान खान, अर्जुन राम, कुमार विनीत, सम्राट जीत, ज्ञानचंद्र भारद्वाज आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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