पीयू में अराजकता का जिम्मेवार कौन?

आंदोलनरत समूह से बात नहीं करते हैं कुलपति

विद्या सागर



पटना यूनिवर्सिटी में सोमवार जो हुआ इसका जिम्मेवार कौन है? कुलपति, विविद्यालय प्रशासन, या छात्र। पीयू में हंगामा नया नहीं है। लेकिन प्रशासन व आंदोलनकारियों के बीच संवादहीनता का नया दौरा पीयू में चल पड़ा है। आंदोलन शांतिपूर्ण हो या अराजक। कुलपति किसी भी सूरत में बातचीत पसंद नहीं करते। शिक्षकों का आदोलन हो या कर्मचारियों का या फिर छात्रों का ही क्यों न हो। पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी आंदोलनकारी को विवि प्रशासन से वार्ता के लिए तैयार भी करते हैं लेकिन कुलपति वात नहीं करते। सोमवार को हुई घटना पिछले महीने आर्ट कॉलेज से शुरू हुआ और आज गोली चलने तक पहुंच गया।
 आज जो कुछ भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। पटना आर्ट कॉलेज के गलियारे से निकलते हुए यह कुलपति आवास के कैम्पस ही नहीं बेड रूम तक जा पहुंचा। यह भी अब न्याय मांगने का नया तरीका बन गया है और उसके जबाब में जो हुआ वह भी सुलझाने का नया है। खैर सुरक्षा गार्ड की गोली का कोई निशाना नहीं बना। इस घटना में अगर किसी छात्र की जान चली जाती तो क्या होता। पीयू भी हैदराबाद केन्द्रीय विविद्यालय जैसा सुलग जाता। कुलपति आवास में जो हुआ यह मामला बहुत आसानी से सुलझ सकता था। एक माह पहले आर्ट कॉलेज में हॉस्टल के कुछ छात्रों ने वहां काम करा रहे ठेकेदार पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए बुद्धा कॉलोनी थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करायी थी। छात्रों ने प्राचार्य व विवि प्रशासन से उस ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की तो प्राचार्य ने छात्रों को निलंबित करने के लिए विवि को पत्र भेजा। छात्रों का आरोप है कि विविद्यालय प्रशासन ने छात्रों का पक्ष बिना सुने ही आठ छात्रों को निलंबित कर दिया। छात्रों के निलंबन के बाद छात्र व छात्र संगठन लगातार आंदोलन पर हैं। अभी आर्ट कॉलेज में छात्रों की भूख हड़ताल भी चल रही है।
जिला प्रशासन ने दो-तीन बार कुलपति से छात्रों की वार्ता कराने का प्रयास किया लेकिन कुलपति आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत करने से इनकार कर गये। इस दौरान भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्रों की हालत नाजुक होने कारण उन्हें प्रशासन ने पीएमसीएच में भर्ती कराया। कुलपति के इस रवैये से नाराज छात्रों ने आंदोलन तेज कर दिया। छात्रों के सब्र का बांध टूटने का नतीजा आज कुलपति आवास के अंदर की घटना है। सिम्हाद्री के पहले टर्म में भी छात्रों को प्रॉक्टर ने दिखायी थी पिस्टलकुलपति वाईसी सिम्हाद्री का पटना विविद्यालय में यह दूसरा टर्म है। इससे पहले वे 2007 में पीयू के कुलपति रहे हैं। पहले टर्म में सख्ती के लिए जाने जाने वाले कुलपति ने कई शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्रों को निलंबित कर दिया था। कुलपति पहला टर्म भी पूरा नहीं कर पाये थे। उस समय छात्रों के ज्वाइंट प्रोटेस्ट पर तत्कालीन प्रोक्टर कृतेश्वर प्रसाद ने पिस्टल तान दिया था जिसे लेकर बाद के दिनों में पीयू में जोरदार आंदोलन हुआ था। सिम्हाद्री को दूसरे टर्म में भी लगातार विरोध झेलना पड़ रहा है।

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