भूख हड़ताल पर बैठे जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की हालत बिगड़ी

कन्हैया ने कहाः जारी रहेगी भूख हड़ताल

नयी दिल्ली। भूख हड़ताल पर बैठे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की आज हालत बिगड़ गई और उन्हें परिसर के  ही स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के लिए ले जाया गया।  श्री कन्हैया का रक्तचाप गिरकर 56 रह गया और रक्त में ग्लूकोज का स्तर भी तेजी से घट गया। इसकी वजह से कन्हैया को लगातार उलटी होने लगी और उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में ही स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाया गया। केन्द्र में कन्हैया का प्रारंभिक उपचार किया गया।
डाॅक्टरों का कहना है कि यदि कन्हैया ने भूख हड़ताल जारी रखी तो उनका स्वास्थ्य और खराब हो सकता है और आंतरिक रक्तस्राव की आशंका बनी हुई है।  कन्हैया ने भूख हड़ताल खत्म करने से इंकार कर दिया है जिसे देखते हुए डाॅक्टर उल्टी रोकने के इंजक्शन दे रहे हैं। गौरतलब है कि हड़ताली छात्रों के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति ने कल उनसे भूख हडताल खत्म करने की अपील की थी। विश्वविद्यालय में इस वर्ष नौ फरवरी को हुये एक कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारों की जांच के लिए गठित की गई उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर दंडित छात्रों के समर्थन में कन्हैया और 19 अन्य छात्र 28 अप्रैल से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गौरतलब है कि नौ फरवरी को एक समारोह के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कथित रूप से राष्ट्रविरोधी नारे लगे थे और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु का गुणगान किया गया था। इसके बाद कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्वान भट्टाचार्य को राज्यद्रोह के आरोप में  गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच करने वाली  कमेटी ने कन्हैया कुमार पर दस हजार का जुर्माना लगाया था और खालिद और भट्टाचार्य पर एक-एक साल के  लिए रोक लगा दी थी। एक अन्य छात्र मुजीब गल्लू पर दो साल की रोक लगाई गई थी।

टिप्पणियाँ

  1. निर्मम ,निष्ठुर , निर्लज्ज फासिस्ट सरकार से लड़ने के लिए 'अनशन ' कारगर हथियार नहीं है अतः कन्हैया व उनके साथियों को तत्काल अनशन समाप्त कर 'शठे शाठ्यम ' मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।

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