गुलशन व अमरेंद्र ने लहराया परचम

गुलशन व अमरेंद्र ने लहराया परचम

परमाणु ऊर्जा विभाग की निबंध प्रतियोगिता में भौतिकी विभाग के आजाद हिंद गुलशन नंदा को मिला देश भर में तीसरा पुरस्कार 

होमी भाभा सें टर फॉर साइंस एजुकेशन में रिसर्च के लिए भौतिकी के छात्र अमरेन्द्र भंडारी का चयन

 विद्या सागर 
पटना (एसएनबी)। साइंस कॉलेज के दो छात्रों ने देश में बिहार की प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कॉलेज में भौतिकी विभाग के छात्र व पटना सिटी निवासी आजाद हिंद गुलशन नंदा ने भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता में देश भर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। परमाणु उर्जा विभाग द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता का विषय था ‘सतत विकास में परमाणु ऊर्जा का भविष्य।’ निबंध प्रतियोगिता के प्रथम चरण में देश भर से 12 छात्रों का चयन किया गया। प्रथम चरण में उत्तर भारत से दो छात्रों का चयन हुआ, जिसमें साइंस कॉलेज में भौतिकी विभाग के छात्र आजाद हिंद गुलशन नंदा व बीएचयू से एक छात्र है। आजाद हिंद गुलशन नंदा ने ‘राष्ट्रीय सहारा’ से बातचीत में बताया कि फाइनल राउंड में चयन के लिए देश के नामी-गिरामी 12 जज थे। इस राउंड में पावर प्वांइट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से जजों के समक्ष अपना विचार प्रस्तुत करना था। प्रस्तुतिकरण के बाद चयनित छात्रों का मोैखिक साक्षात्कार भी लिया गया। इस प्रतियोगिता में तीन छात्रों का चयन किया गया, जिसमें साइंस कॉलेज के छात्र को तीसरा स्थान मिला। कार्यक्रम का आयोजन अणुशक्ति नगर, मुबंई में पिछले 30 अक्टूबर को किया गया था। चयनित छात्रों को परमाणु ऊर्जा विभाग की विभिन्न इकाइयों में भ्रमण एवं काम करने का मौका भी दिया गया। साइंस कॉलेज में भौतिकी विभाग के ही छात्र अमरेन्द्र भंडारी का टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च सेंटर की ईकाई होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन में शोध के लिए किया गया है। अमरेन्द्र भंडारी झारखंड के दुमका जिले के जयनगरा गांव का निवासी है। पटना में रहकर वह साइंस की पढ़ाई कर रहा है। अमरेन्द्र ने बताया कि इस संस्थान में शोध के लिए दो चरणों में उसका चयन किया गया। इसमें पूरे देश से 70 लड़कों का पहले चरण में चयन किया गया। इसके बाद लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें शोध के लिए 28 छात्रों का देश भर से चयन किया गया। चयन के बाद अमरेन्द्र होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन में मुम्बई के प्रो. विजय सिंह, जो साइंस ओलंपियाड के कोऑडिनेटर हैं, के निर्देशन में रिसर्च कर रहा है। अमरेन्द्र ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ ही बड़े भाई जितेन्द्र कुमार को दिया। अमरेन्द्र ने बिहार में शोध कार्य को बढ़ावा देने की सरकार से मांग की है।

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