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पटना काॅलेज में बदाल है बाॅस्केट बाॅल का कोट

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पटना काॅलेज में बदाल है बाॅस्केट बाॅल का कोट रख रखाव के अभाव में टुट रहा है बाॅस्केट पोल, कोट में जमा है बारिश का पानी विद्या सागर पटना (एसएनबी)। खेल का दर्जा यहां भगवान जैसा है, खेल मैदान यहां शमसान जैसा है। जी हां पटना काॅलेज के बाॅस्केट बाॅल ग्राउंड का यही हाल है। कमेटी खिला़िडयों से गुलजार रहने वाला यह खेल मैदान आज सुना प़डा है। वर्षो पहले इस मैदान में काॅलेज के छात्रों को बाॅस्केट बाॅल खेलने का प्रशिक्षण दिया था। पटना काॅलेज ही नहीं पटना विश्वविद्यालय के दूसरे काॅलेज के छात्र भी यहां बाॅस्केट बाॅल का प्रशिक्षण लेते थे। छात्र-छात्राएं यहां बाॅस्केट बाॅल का अभ्यास करने प्रतिदिन आते थे। काॅलेज के कर्मचारी जीतू ने बताया कि वर्ष 2003-2004 के आसपास तक बाॅस्केट बाॅल ग्राउंड में छात्र खेलने आते थे। काॅलेज के पीटी छात्रों को इसका प्रशिक्षण देते थे। धिरे-धिरे बाॅस्केट बाॅल के तरफ से पीटी और छात्रों का ध्यान हट गया। काॅलेज की स्पो्ट्र्स कमेटी कराती थी खेलों का आयोजन काॅलेज में वर्षो पहले स्पो्टर्स कमेटी होती थी। जिसका सचिव छात्र होते थे। काॅलेज के ही सेंट्रल काॅमन...

188 साल की हिंदी पत्रकारिता का सच

188 साल की हिंदी पत्रकारिता का सच प्रमोद जोशी प्रस्तुति-अखौरी प्रमोद प्रमोद जोशी वरिष्ठ पत्रकार हिंदी से जुड़े मसले, पत्रकारिता से जुड़े सवाल और हिंदी पत्रकारिता की चुनौतियां किसी एक मोड़ पर जाकर मिलती हैं। कई प्रकार के अंतर्विरोधों ने हमें घेरा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह कारोबार जिस लिहाज से बढ़ा है उस कदर पत्रकारिता की गुणवत्ता नहीं सुधरी। मीडिया संस्थान कारोबारी हितों को लेकर बेहद संवेदनशील हैं, पर पाठकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभा नहीं पाते हैं। इस बिजनेस में परम्परागत मीडिया हाउसों के मुकाबले चिटफंड कंपनियां, बिल्डर, शिक्षा के तिज़ारती और योग-आश्रमों तथा मठों से जुड़े लोग शामिल होने को उतावले हैं, जिनका उद्देश्य जल्दी पैसा कमाने के अलावा राजनीति और प्रशासन के बीच रसूख कायम करना है। हिंदी का मीडिया स्थानीय स्तर पर छुटभैया राजनीति के साथ तालमेल करता हुआ विकसित हुआ है। हाल के वर्षों में अखबारों पर राजनीतिक झुकाव, जातीय-साम्प्रदायिक संकीर्णता और मसाला-मस्ती बेचने का आरोप है। उन्होंने गम्भीर विमर्श को त्याग कर सनसनी फैलाना शुरू कर दिया है। उनके ...

एआईएसएफ से वार्ता का राज्यपाल ने पीयू कुलपति को दिया आदेश

एआईएसएफ से वार्ता का राज्यपाल ने पीयू कुलपति को दिया आदेश राज्यपाल से मिला एआईएसएफ का प्रतिनिधिमंडल सभी विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव के  संकेत नालंदा इंजिनियरिंग काॅलेज को मिलेगा नया भवन टीईटी-एसटीईटी के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति का दिलाया भरोसा उत्तरपुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन के प्रावधान, पीयू को सेन्ट्रल यूनियर्सिटी, पाटलिपुत्रा विवि का आश्वासन विद्या सागर पटना (एसएनबी)। एआईएसएफ के प्रतिनिधियों से राज्यपाल ने पटना विश्वविद्यालय के कुलपति को वार्ता करने का आदेश दिया है। बुधवार शाम एआईएसएफ का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन में राज्यपाल सह कुलाधिपति डी वाई पाटील से मिलकर 20 सूत्री मांगों का स्मार-पत्र सौंपा । प्रतिनिधिमंडल में संगठन के राज्य अध्यक्ष परवेज आलम, राज्य सचिव सुशील कुमार, राज्य परिषद सदस्य मोनिका कुमारी, दीपक कुमार, वरूण कुमार ने कहा कि पटना विवि कुलपति वाईसी सिम्हाद्री छात्रों से बात तक करना पसंद नहीं करते। विगत दिनों कुलपति के अलोकतांत्रिक एवं तानाशाही रवैए से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। वर्टिकल ग्रोथ, छात्र-शिक्षक-कर्मियों के आंदोलन पर रोक, विग...

पटना काॅलेज पत्रकारिता विभाग में धुमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस समारोह

पटना काॅलेज पत्रकारिता विभाग में धुमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस समारोह पटना। शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना काॅलेज के बीएमसी(पत्रकारिता विभाग) में भी धुमधाम के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परीक्षा भवन में आयोजित कार्यक्रम का उद्धाटन दीप प्रज्जवलित कर काॅलेज के प्राचार्य प्रो. नवल किशोर चैधरी ने की। कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए प्राचार्य ने शिक्षक व छात्रों को इस अवसर पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक व छात्रों के बीच बेहतर समन्वय आज जरूरी है। छात्रों ने प्रचार्य से विभाग में लैब की मांग की जिस पर उन्होंने कहा कि युजीसी से 2013 में ही लैब के लिए पैसा आया था। पर दुख की बात है कि वह समय पर पूरा नहीं होने के कारण यूजीसी को पैसा लौटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता विभाग में लैब के लिए वे युजीसी को पुनः फंड देने के लिए पत्र लिखे हैं और इसके लिए वे युद्ध स्तर पर प्रयास करेगें। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. शरवेन्दु कुमार ने सभी शिक्षकों को पत्रकारिता विभाग के बेहतर संचालन के लिए धन्यवाद देते हुए उनसे बेहतर सहयोग की अपिल की। इस अवसर पर बीएमसी-...

एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

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 कुलपति रवैया सुधारें और छात्रों से करें बात : सीएम एआईएसएफ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात पटना । मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि पटना विविद्यालय की गतिविधियों पर सरकार की नजर है। उन्होंने कुलपति प्रो. वाईसी सिमाद्री को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे अपना रवैया सुधारें और छात्रों से बात करने की पहल करें। मुख्यमंत्री ने ये बातें बुधवार को एआईएसएफ के छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता में कहीं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल संगठन के राज्य सचिव सुशील कुमार ने वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीयू के कुलपति को अपने रवैये में सुधार लाना चाहिए और शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए छात्रों से बात करनी चाहिए। जब राज्यपाल और मुख्यमंत्री छात्रों से बात कर सकते हैं तो कुलपति क्यों नहीं कर सकते हैं ? छात्रों ने प्राथमिकी दर्ज करने का मामला भी उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों पर किए जाने वाले एफआईआर (धारा-353) को जमानतीय बनाया जायेगा। इसमें संशोधन के लिए बहुत जल्द इसे कैबिनेट में लाया ज...

फिर झगड़े क्यों

फिर झगड़े क्यों                      -विद्या सागर जात-पात में भेद कहाँ अब, केवल झूठी शान। बाबू साहब ने खोली है जूते की दूकान। लौन्ड्री में लोगों के कपड़े पंडितजी हैं धोते। छान रहे हैं गरम जलेबी लालाजी के पोते। शर्मा जी का ‘डेरी फारम’ रखते भैंस पचास। दूध मिलाते हैं पानी में और बने हैं व्यास। बन कलाल यादवजी बैंठें, रोज कलाली खोलें। रविदास जी काँवर लेकर ‘हर-हर, बम-बम’ बोले। पासवानजी ने टाउन में खोली है सैलून। बिसकमरा के बेटे बेचें हल्दी-धनियां-नून। वर्ण-व्यवस्था टूट चुकी है, सब हैं एक ही घाट। जिसके पाले जितना पैसा, उसकी उतनी ठाठ। फिर झगड़े क्यों जात-पात के ............. कुछ सोचो, कुछ जानो। कौन लड़ाता है आपस में........ बूझो और पहचान

बिहार में मंडलवाद पर जनता की मुहर से निकली कमंडल की हवा

बिहार में मंडलवाद पर जनता की मुहर से निकली कमंडल की हवा  विद्या सागर पटना। बिहार में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद 10 सीटों पर हुए उपचुनाव में मंडलवाद पर जनता की मुहर लगने के बाद कमंडल की हवा निकल गयी। लोकसभा चुनाव में सूबे में लालू और नीतीष को मिली करारी हार के बाद एक हुए लालू-नीतीष को उपचुनाव में जनता ने उनके मिलन को स्वीकार किया। सूबे में धूर विरोधी लालू और नीतीष ने अपनी दुष्मनी को दोस्ती में बदली तो 10 सीट में 6 पर महागठबंधन का कब्जा हो गया, जबकि 4 पर भाजपा ने अपना कब्जा किया है। यह चुनाव परिणाम, लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की दोस्ती के ख्याल से सबसे अहम था। चुनाव परिणाम से यह तो सिद्ध हो गया कि इस दोस्ती को जनता ने भी कबूल कर लिया। यही कारण रहा कि राजद-जदयू-कांग्रेस के महागठबंधन को दस में से छह सीटें मिली है। उप चुनाव के आठ सीटों पर भाजपा की लोकसभा चुनाव में बढ़त थी। लेकिन इस बढ़त को भाजपा ने 3 माह भी बरकरार नहीं रखा। 2010 में हुए चुनाव में उपचुनाव वाली 10 में 6 सीटों पर भाजपा, 1 पर जदयू व तीन पर राजद का कब्जा था। उपचुनाव में भाजपा को दो सीटों का नुकसान हुआ वहीं जदयू व कांग्...